सहरसा जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए उत्पाद विभाग ने 2 नवंबर को एक व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। यह अभियान सौर बाजार और बनगांव थाना क्षेत्र में एक साथ चलाया गया, जिसमें विभाग की कई टीमों ने हिस्सा लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी, जिसमें अवैध शराब के भंडारण और बिक्री की सूचना मिली थी। छापेमारी के दौरान टीमों ने कई ठिकानों पर दबिश दी और बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की।
सौर बाजार क्षेत्र में उत्पाद विभाग की टीम ने कुछ दुकानों और गोदामों पर छापा मारा, जहां से देसी और अंग्रेजी शराब की सैकड़ों बोतलें जब्त की गईं। सूत्रों के मुताबिक, यह शराब बिना किसी वैध लाइसेंस के रखी गई थी और संभवतः बिहार में शराबबंदी कानून के तहत अवैध थी। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर ही शराब को जब्त कर लिया और आगे की जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से स्थानीय कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
वहीं, बनगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में भी उत्पाद विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। यहां कुछ घरों और झोपड़ियों में छिपाकर रखी गई अवैध शराब का पता चला। टीम ने मौके से कई लीटर अवैध शराब और शराब बनाने के उपकरण भी बरामद किए। अधिकारियों का मानना है कि इस क्षेत्र में शराब की तस्करी का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जिस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
उत्पाद विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह छापेमारी अभियान पिछले कुछ दिनों से चल रहे अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह से खत्म करना है। उन्होंने कहा कि जब्त की गई शराब की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है और इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ जारी है। अधिकारी ने यह भी बताया कि भविष्य में इस तरह के अभियान और तेज किए जाएंगे।
स्थानीय प्रशासन ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और लोगों से अपील की है कि वे अवैध शराब के कारोबार की किसी भी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। उत्पाद विभाग ने चेतावनी दी है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस छापेमारी से सहरसा जिले में अवैध शराब के कारोबारियों में भय का माहौल है, और आम जनता ने भी राहत की सांस ली है।