सहरसा जंक्शन पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत निर्माणाधीन नए फुट ओवर ब्रिज (FOB) और एस्केलेटर का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 3 नवंबर तक इस परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, और शेष कार्य तेजी से संपन्न किया जा रहा है। इससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में होने वाली कठिनाइयों से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में सहरसा जंक्शन पर यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक जाने के लिए पुराने और संकरे FOB का उपयोग करना पड़ता है, जिससे भीड़ के समय काफी असुविधा होती है। नए FOB के निर्माण से न केवल चौड़ाई और सुविधा में वृद्धि होगी, बल्कि एस्केलेटर की सुविधा से बुजुर्गों, दिव्यांगों और सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत सहरसा जंक्शन के आधुनिकीकरण पर कुल 24.36 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है, जिसमें नए FOB, एस्केलेटर, प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने, शौचालयों का नवीनीकरण और अन्य यात्री सुविधाएं शामिल हैं। रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नवंबर के मध्य तक नए FOB और एस्केलेटर को यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।
स्थानीय यात्री संघों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सहरसा जंक्शन से प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं, और नए FOB व एस्केलेटर से भीड़भाड़ कम होगी तथा सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा। उन्होंने मांग की कि निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नए FOB की लंबाई लगभग 60 मीटर और चौड़ाई 3 मीटर है, जिससे एक साथ अधिक यात्री आसानी से आ-जा सकेंगे। एस्केलेटर को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है, जो स्वचालित रूप से रुकने और सुरक्षा सेंसर से युक्त है। इससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और प्लेटफॉर्म बदलने में लगने वाला समय भी कम होगा।